प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का एक महत्वाकांक्षी अभियान है। लेकिन अक्सर लाभार्थियों के मन में यह सवाल रहता है कि उनके खाते में किस्त का पैसा कब आएगा। साल 2026 में इस योजना को लेकर कई राज्यों में नई लिस्ट जारी हुई है, लेकिन साथ ही कुछ राज्यों में फंड जारी होने में देरी की भी खबरें सामने आई हैं।
बिहार में फंड जारी होने में देरी क्यों (पूछे जाने वाला सबसे बड़ा सवाल)
अगर आप बिहार के निवासी हैं और आपको अभी तक पहली किस्त नहीं मिली है, तो इसके पीछे एक बड़ी प्रशासनिक वजह है। हाल ही में बिहार सरकार ने विधानसभा में माना कि प्रदेश में सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) खाता नहीं खुल पाने के कारण करीब 9.16 लाख मकानों का निर्माण प्रभावित हुआ है ।
SNA प्रणाली 2021 में शुरू की गई थी, जिसके तहत केंद्र सरकार की योजनाओं का फंड एक ही खाते से होकर डीबीटी (सीधे लाभार्थी हस्तांतरण) के जरिए लोगों के बैंक खातों में भेजा जाता है। बिहार में यह खाता नहीं खुल पाने की वजह से फंड रुका हुआ था।
हालांकि, राज्य सरकार ने केंद्र से 31 मार्च 2026 तक की समय सीमा मांगी है और करीब 3,000 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया है ताकि लंबित लाभार्थियों को भुगतान किया जा सके । अगर सबकुछ ठीक रहा तो उम्मीद है कि मार्च 2026 के अंत तक बिहार में फंड की स्थिति सामान्य हो सकती है।
अन्य राज्यों में क्या स्थिति है
बिहार के अलावा, हाल ही में असम में सरकार ने काफी तेजी से काम करते हुए 3.25 लाख से अधिक पात्र परिवारों को स्वीकृति पत्र वितरित किए और पहली किस्त भी जारी कर दी । यह दर्शाता है कि प्रशासनिक तैयारी वाले राज्यों में पैसा समय पर आ रहा है।
वहीं, गुजरात में कैग (CAG) की रिपोर्ट में कुछ विसंगतियां सामने आई हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि 2017 से 2023 के बीच कई लाभार्थियों को पहली या अंतिम किस्त समय पर नहीं मिली । हालांकि, सरकार ने इन मामलों को सुधारने का आश्वासन दिया है।
पैसा आने में देरी के अन्य कारण
सिर्फ SNA खाते के अलावा, कुछ अन्य कारणों से भी आपकी किस्त रुक सकती है:
- ई-केवाईसी (e-KYC) न होना: अगर आपका आधार और बैंक खाता लिंक नहीं है या ई-केवाईसी पूरी नहीं है, तो डीबीटी फेल हो सकती है।
- आवास सॉफ्ट (AwaasSoft) पर स्थिति: अगर ग्राम पंचायत या बीडीओ कार्यालय ने आपके मकान निर्माण की प्रगति (नींव, दीवार, छत) को पोर्टल पर अपडेट नहीं किया है, तो अगली किस्त नहीं आती है।
- दस्तावेजों में त्रुटि: नाम में स्पेलिंग गलती या बैंक खाता सही न होने पर भी पैसा रुक सकता है।
कैसे चेक करें कि आपका पैसा कब आएगा?
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपकी किस्त स्वीकृत हुई या नहीं, तो आप घर बैठे ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। यह प्रक्रिया बिल्कुल सरल है :
स्टेप 1: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmayg.nic.in पर जाएं।
स्टेप 2: होम पेज पर “Stakeholders” (हितधारक) मेनू पर क्लिक करें।
स्टेप 3: ड्रॉपडाउन में “IAY/PMAYG Beneficiary” विकल्प चुनें।
स्टेप 4: यहां आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होगा। अगर नंबर नहीं है, तो “Advanced Search” (उन्नत खोज) पर क्लिक करें।
स्टेप 5: उन्नत खोज में अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव का नाम चुनें।
स्टेप 6: Submit करते ही आपके गांव की लाभार्थी सूची खुल जाएगी। यहां आप अपना नाम देख सकते हैं और साथ ही यह भी देख सकते हैं कि आपको कितनी किस्त मिल चुकी है या कितनी बाकी है।
क्या होगा अगर नाम लिस्ट में है लेकिन पैसा नहीं आया?
अगर आपका नाम PMAY-G लिस्ट 2026 में शामिल है, लेकिन आपके खाते में पैसा नहीं आया है, तो घबराएं नहीं। सबसे पहले अपने बैंक पासबुक में DBT (Direct Benefit Transfer) के ट्रांजेक्शन को चेक करें। अगर कोई एंट्री नहीं है, तो तुरंत अपने ग्राम पंचायत सचिव या बीडीओ कार्यालय से संपर्क करें। यह भी सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding) वाला हो।
निष्कर्ष
साल 2026 में पीएम आवास योजना ग्रामीण की रफ्तार काफी हद तक राज्य सरकारों की प्रशासनिक तैयारी पर निर्भर करती है। जहां बिहार जैसे राज्यों में SNA खाता न खुलने के कारण फंड रुका हुआ है, वहीं असम जैसे राज्यों में नए मकानों के वितरण ने गति पकड़ ली है।







