परिचय:-भारत सरकार की प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY) एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों, विशेष रूप से अनुसूचित जाति बहुल गांवों का सर्वांगीण विकास करना है। 2025 में इस योजना के नए चरण की शुरुआत होने की उम्मीद है, जो ग्रामीण भारत के परिवर्तन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
योजना का संक्षिप्त विवरण
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत 2009-10 में हुई थी, जिसका प्राथमिक उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल गांवों का समग्र विकास करना है। 2025 में इस योजना के नए संस्करण में और अधिक गांवों को शामिल करने तथा विकास के नए पैरामीटर्स जोड़ने की संभावना है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
1. बुनियादी ढांचे का विकास: सड़क, बिजली, पानी, स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना
2. सामाजिक सशक्तिकरण: शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाना
3. आर्थिक विकास: कृषि, पशुपालन और ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देना
4. पर्यावरण संरक्षण: जल संरक्षण, वनीकरण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
2025 के लिए नई कार्ययोजना
2025 में योजना के निम्नलिखित नए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
· 5000 नए गांवों को योजना में शामिल करना
· डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना
· सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देना
· सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन
पात्रता मानदंड
गांवों के लिए पात्रता:
· अनुसूचित जाति की जनसंख्या 50% या अधिक हो
· ग्राम पंचायत सक्रिय और कार्यशील हो
· बुनियादी ढांचे की न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध हों
लाभार्थियों के लिए पात्रता:
· गांव का स्थायी निवासी होना
· बीपीएल श्रेणी में आना
· अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंधित होना
योजना के प्रमुख घटक
1. आवास एवं बुनियादी ढांचा:
· पक्के मकानों का निर्माण
· सड़कों का चौड़ीकरण
· पेयजल योजनाएं
· स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था
2. शिक्षा एवं स्वास्थ्य:
· स्कूल भवनों का निर्माण
· आंगनवाड़ी केंद्र
· स्वास्थ्य उपकेंद्र
· डिजिटल लाइब्रेरी
3. आजीविका एवं रोजगार:
· कौशल विकास प्रशिक्षण
· स्वयं सहायता समूह गठन
· मृगा योजना से जोड़ना
आवेदन प्रक्रिया
चरण 1: ग्राम सभा की बैठक
· योजना के बारे में जानकारी देना
· ग्रामीणों की सहमति लेना
चरण 2: प्रस्ताव तैयार करना
· गांव की विकास योजना बनाना
· जिला स्तरीय समिति को प्रस्ताव भेजना
चरण 3: अनुमोदन प्रक्रिया
· जिला समिति द्वारा जांच
· राज्य सरकार द्वारा अनुमोदन
· केंद्र सरकार से धनराशि स्वीकृति
चरण 4: कार्यान्वयन
· ग्राम पंचायत द्वारा कार्यों का निष्पादन
· निगरानी और मूल्यांकन
वित्तीय संरचना
योजना के लिए धनराशि का आवंटन:
· केंद्र सरकार: 60%
· राज्य सरकार: 40%
· प्रति गांव औसतन ₹20-25 लाख
· अतिरिक्त धनराशि विशेष परियोजनाओं के लिए
मॉनिटरिंग और मूल्यांकन
1. ग्राम स्तर पर:
· ग्राम सभा द्वारा निगरानी
· सामाजिक अंकेक्षण
2. जिला स्तर पर:
· जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति
· त्रैमासिक समीक्षा बैठक
3. राष्ट्रीय स्तर पर:
· सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
· ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम
सफलता की कहानियाँ
1. राजस्थान का एक गांव: सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई परियोजना
2. बिहार का गांव: ऑर्गेनिक फार्मिंग से आय में वृद्धि
3. मध्य प्रदेश: डिजिटल लाइब्रेरी से शिक्षा में सुधार
चुनौतियाँ और समाधान
1. धनराशि का उचित उपयोग: ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम
2. सामुदायिक भागीदारी: नियमित ग्राम सभा बैठकें
3. पारदर्शिता: सार्वजनिक वेब पोर्टल पर जानकारी
2025 के लिए विशेष पहल
1. डिजिटल गांव परियोजना: हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी
2. हरित ऊर्जा: सौर और बायो-एनर्जी पर जोर
3. स्मार्ट कृषि: ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग
4. ई-गवर्नेंस: ऑनलाइन सेवाएं
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना 2025 ग्रामीण भारत के परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस योजना के माध्यम से न केवल बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। सही कार्यान्वयन और सामुदायिक भागीदारी से यह योजना वास्तव में गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ में बदल सकती है।







