नमस्कार दोस्तों उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में पशुपालन क्षेत्र को एक नई दिशा देने का बीड़ा उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने “उत्तर प्रदेश पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना 2026” की शुरुआत की है। यह योजना प्रदेश के करोड़ों पशुपालकों के लिए वरदान साबित होने वाली है। अगर आप भी पशुपालन के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं, तो यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिए संपूर्ण गाइड है। यहाँ हम आपको इस योजना की हर छोटी-बड़ी जानकारी देंगे उद्देश्य, प्रमुख पहल, लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया।
क्या है उत्तर प्रदेश पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना 2026?
यह योजना भारत सरकार के पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) के अंतर्गत संचालित की जा रही है । इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में पशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और विभिन्न बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाना है। उत्तर प्रदेश देश में दूध उत्पादन में पहले स्थान पर है, यहाँ लगभग 190.20 लाख गाय और 330.27 लाख भैंस हैं । ऐसे में पशुओं का स्वस्थ रहना सीधे तौर पर किसानों की आय और राज्य की अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
2026 के बजट में पशुपालन योजनाओं के लिए धनराशि में भारी वृद्धि की गई है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2017-18 में जहाँ ₹1,37,423.53 लाख का बजट था, वहीं 2024-25 में बढ़कर ₹4,11,529.86 लाख हो गया है — जो लगभग तीन गुना अधिक है । यह बढ़ोतरी सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।
योजना के मुख्य उद्देश्य (Key Objectives)
इस योजना के तहत सरकार ने कई अहम लक्ष्य निर्धारित किए हैं :
- बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं: राज्य में पशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना
- रोग नियंत्रण: थनैला (मास्टाइटिस) जैसी बीमारियों पर नियंत्रण स्थापित करना
- उत्पादकता बढ़ाना: पशुधन उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना
- रोजगार सृजन: पशुपालन के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में स्थायी रोजगार पैदा करना
- दूध उत्पादन बढ़ाना: दुग्ध उत्पादन क्षमता को बनाए रखना और बढ़ाना
- उच्च उपज वाली नस्लों की सुरक्षा: गाय, भैंस, बकरी आदि की उच्च उपज वाली नस्लों की उत्पादकता बनाए रखना
2026 में हुई प्रमुख पहलें (Major Initiatives in 2026)
सरकार ने 2026 में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जो इस योजना को और प्रभावी बनाएंगे। आइए, उन्हें विस्तार से समझते हैं:
- हर विकास ब्लॉक में खुलेंगे पशु औषधि केंद्र
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विकास ब्लॉक में एक पशु औषधि केंद्र खोला जाएगा । इसका मकसद पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है। लखनऊ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र और सहकारी समितियों से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी ।
पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया :
| विवरण | जानकारी |
| आवेदन शुल्क | ₹5,000 |
| आवेदन प्रक्रिया | पूर्णतः ऑनलाइन |
| आवेदन पोर्टल | http://pashuaushadhi.dahd.gov.in |
| आवश्यक दस्तावेज | फार्मासिस्ट का वैध पंजीकरण, 120 वर्ग फुट दुकान का प्रमाण, ड्रग सेल लाइसेंस |
| प्राथमिकता | PM कृषक समृद्धि केंद्र व सहकारी समितियों से जुड़े लोग |
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) से पशु चिकित्सा सेवाएं
राज्य सरकार अब पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत पशु चिकित्सा और पैरा-वेटनरी सेवाएं शुरू करने जा रही है । इसके अलावा, पशुओं की जांच के लिए पैथोलॉजी सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। इससे इलाज में आसानी होगी और पशुपालकों को अब महंगे निजी क्लीनिकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
- नई चारा नीति (New Fodder Policy 2026)
सरकार ने किसानों की मदद के लिए नई चारा नीति भी लागू कर दी है। इसके तहत किसानों को चारे के बीज मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे । गौरतलब है कि प्रदेश की लगभग 68 प्रतिशत आबादी कृषि और पशुपालन पर निर्भर है, इसलिए यह कदम बेहद अहम है ।
- मुफ्त टीकाकरण अभियान (Free Vaccination Campaign)
रोग नियंत्रण के लिए सरकार लगातार मुफ्त टीकाकरण अभियान चला रही है। वर्ष 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि अकेले खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग के खिलाफ लगभग 12.10 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है । साथ ही, गलघोंटू (HS), लम्पी स्किन (LSD) और बकरियों के पीपीआर (PPR) के खिलाफ भी बड़े स्तर पर टीकाकरण हुआ है ।
देशी नस्लों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास
योगी सरकार का फोकस सिर्फ बीमारी नियंत्रण पर ही नहीं, बल्कि देशी गौवंश के संरक्षण पर भी है। नंद बाबा दुग्ध मिशन (NBDM) के तहत कई योजनाएं चल रही हैं ।
| योजना का नाम | कितने पशु | लागत | सब्सिडी |
| नंदिनी कृषक समृद्धि योजना | 25 देशी गाय | ₹62.50 लाख | 50% सब्सिडी |
| मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना | 10 देशी गाय | ₹23.60 लाख | 50% सब्सिडी |
| मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना | 2 देशी गाय | अधिकतम ₹80,000 | 40% सब्सिडी |
आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान (ABC Centre)
यह योजना सिर्फ दुधारू पशुओं तक सीमित नहीं है। सरकार ने प्रदेश में बढ़ते आवारा कुत्तों और कुत्ते के काटने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर और डॉग शेल्टर होम स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है । ये सेंटर नगर निगमों और जिला मुख्यालयों पर बनाए जा रहे हैं। एक शेल्टर होम बनाने पर लगभग ₹4.7 करोड़ से ₹5.31 करोड़ का खर्च आएगा, और इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है ।
पशुपालकों को मिलने वाले लाभ (Benefits for Livestock Farmers)
संक्षेप में, इस योजना से पशुपालकों को निम्नलिखित फायदे होंगे:
- सस्ती दवाएं: गांव-गांव में पशु औषधि केंद्र खुलने से दवाएं आसानी से और कम कीमत पर मिलेंगी
- मुफ्त टीकाकरण: गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए सरकारी स्तर पर मुफ्त टीके लगाए जाएंगे
- बेहतर इलाज: PPP मॉडल से पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी
- चारे की उपलब्धता: मुफ्त बीज और चारा विकास कार्यक्रमों से चारे की कमी नहीं होगी
- आय में बढ़ोतरी: स्वस्थ पशु अधिक दूध देंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन कैसे करें?
उत्तर: इसके लिए आपको पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आधिकारिक पोर्टल http://pashuaushadhi.dahd.gov.in पर जाकर आवेदन करें और ₹5,000 शुल्क जमा करें ।
प्रश्न 2: क्या यह योजना केवल गाय-भैंस के लिए है?
उत्तर: नहीं, इस योजना का दायरा बकरी, भेड़, सूअर और अन्य पशुओं पर भी लागू है। PPR का टीकाकरण विशेष रूप से बकरियों के लिए किया जाता है ।
प्रश्न 3: टीकाकरण पूरी तरह से मुफ्त है?
उत्तर: हाँ, केंद्र सरकार के पशुधन स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत खुरपका-मुंहपका (FMD), गलघोंटू (HS), लम्पी स्किन (LSD) और PPR के टीके पूरी तरह से मुफ्त लगाए जा रहे हैं ।
प्रश्न 4: क्या छोटे पशुपालकों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा?
उत्तर: बिल्कुल। यह योजना विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य पशुपालन को छोटे किसानों के लिए भी लाभकारी बनाना है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना 2026 राज्य के पशुपालन क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी। चाहे वह हर ब्लॉक में पशु औषधि केंद्र खोलने की बात हो, या मुफ्त टीकाकरण अभियान, या फिर देशी नस्लों के संरक्षण के लिए सब्सिडी — सरकार ने हर मोर्चे पर काम करना शुरू कर दिया है। अब आप पर निर्भर करता है कि आप इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने पशुपालन व्यवसाय को कैसे मजबूत बनाते हैं।









