Pre-matric Scholarship for Students with Disabilities// विकलांग छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति 9वीं-10वीं के विद्यार्थियों के लिए सरकारी सहायता का सुनहरा अवसर

By yojana inf

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नमस्कार दोस्तों हर बच्चे का अधिकार है, लेकिन वित्तीय तंगी और शारीरिक चुनौतियां अक्सर इस अधिकार के रास्ते में बाधा बन जाती हैं। खासतौर पर विकलांग छात्रों के लिए पढ़ाई जारी रखना कई बार दोगुना मुश्किल हो जाता है — एक तो पढ़ाई का खर्च, दूसरी ओर विशेष जरूरतों से जुड़े अतिरिक्त खर्च। भारत सरकार ने इन चुनौतियों को समझते हुए विकलांग छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना शुरू की है। यह योजना 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें ।

क्या है प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना

यह योजना केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित एक छात्रवृत्ति कार्यक्रम है, जो विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों (40% या उससे अधिक दिव्यांगता) को लाभान्वित करती है । इसका उद्देश्य 9वीं और 10वीं कक्षा के दिव्यांग विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी स्कूली शिक्षा बिना किसी रुकावट के पूरी कर सकें । यह योजना राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (National Scholarship Portal – NSP) के माध्यम से संचालित की जाती है, जहां छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं ।

पात्रता मानदंड (कौन कर सकता है आवेदन)

इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना होगा

  1. दिव्यांगता की शर्त (Disability Criteria)

· छात्र में कम से कम 40% दिव्यांगता होनी चाहिए ।
· दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate) राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज एक्ट, 2016 के तहत जारी होना चाहिए ।
· UDID (यूनिक डिसेबिलिटी आईडी) या UDID पंजीकरण अनिवार्य है ।

  1. शैक्षणिक पात्रता (Educational Qualification)

· छात्र 9वीं या 10वीं कक्षा में नियमित रूप से अध्ययनरत हो ।
· सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, या किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से संबद्ध स्कूल में पढ़ाई हो रही हो ।

  1. पारिवारिक आय सीमा (Income Limit)

· माता-पिता की वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक न हो ।
· आय प्रमाण पत्र किसी अधिकृत अधिकारी (जैसे तहसीलदार या एसडीएम) द्वारा जारी होना चाहिए ।

  1. अन्य सामान्य शर्तें

· आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए ।
· एक ही परिवार के अधिकतम दो दिव्यांग बच्चे ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं। यदि दूसरा बच्चा जुड़वा है तो दोनों पात्र होंगे ।
· एक ही कक्षा के लिए यह छात्रवृत्ति केवल एक बार दी जाती है। यदि छात्र कक्षा में फेल हो जाता है और दोबारा उसी कक्षा में बैठता है, तो उसे उस कक्षा के लिए दोबारा छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी ।

कितनी मिलती है सहायता (लाभ राशि)

योजना के तहत छात्रों को तीन प्रकार की वित्तीय सहायता दी जाती है:

मेनटेनेंस अलाउंस (Maintenance Allowance)

यह राशि छात्रों के दैनिक खर्चों (भोजन, यातायात आदि) के लिए दी जाती है

छात्र प्रकारमासिक राशि
डे स्कॉलर (दिन के छात्र)₹500 प्रति माह
हॉस्टलर (आवासीय छात्र) ₹800 प्रति माह

बुक ग्रांट (Book Grant)

पुस्तकों और स्टेशनरी की खरीद के लिए

विवरण -सभी छात्रों के लिए
वार्षिक राशि -₹1,000 प्रति वर्ष

डिसेबिलिटी अलाउंस (विकलांगता भत्ता)

यह विशेष भत्ता दिव्यांगता के प्रकार के आधार पर दिया जाता है

दिव्यांगता का प्रकारवार्षिक राशि
दृष्टिबाधित या बौद्धिक विकलांगता ₹4,000 प्रति वर्ष
अन्य सभी प्रकार की दिव्यांगता₹2,000 प्रति वर्ष

प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति आवेदन कैसे करें (आवेदन प्रक्रिया)

इस योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जाता है। आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें

चरण 1: राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकरण

1.आधिकारिक वेबसाइट https://scholarships.gov.in पर जाएं ।
2.’नया पंजीकरण’ (New Registration) पर क्लिक करें।
3.अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर, और अन्य व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करें।
4.पंजीकरण के बाद आपको एक आवेदन आईडी मिल जाएगी।

चरण 2: लॉगिन और आवेदन फॉर्म भरना

1.प्राप्त आवेदन आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।
2.‘प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटीज’ स्कीम का चयन करें।
3.सभी मांगी गई जानकारी (शैक्षणिक विवरण, परिवार की आय, बैंक विवरण) सही-सही भरें।

चरण 3: दस्तावेज अपलोड करना

निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें

· आधार कार्ड (Aadhaar Card)
· दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate) – 40% या अधिक
· आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)
· पिछली कक्षा की मार्कशीट
· स्कूल का बोनाफाइड प्रमाण पत्र
· बैंक पासबुक (आधार-लिंक्ड खाता)
· पासपोर्ट साइज फोटो

चरण 4: सबमिशन और सत्यापन

· फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करें और एक प्रिंटआउट निकाल लें ।
· आवेदन सबमिट होने के बाद स्कूल द्वारा सत्यापन किया जाता है, फिर जिला/राज्य स्तरीय सत्यापन होता है ।
· सत्यापन पूरा होने के बाद छात्रवृत्ति की राशि सीधे छात्र के बैंक खाते (DBT) में ट्रांसफर कर दी जाती है ।

2026 में योजना में नया क्या है

  1. आय सीमा बढ़ने की संभावना-केंद्र सरकार वर्तमान ₹2.50 लाख की आय सीमा को बढ़ाकर ₹4.50 लाख करने पर विचार कर रही है। यह प्रस्ताव विभिन्न हितधारकों के साथ विचाराधीन है और जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है । यदि यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो अधिक परिवारों के बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
  2. UDID अनिवार्य-अब योजना का लाभ लेने के लिए UDID (Unique Disability ID) या UDID पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। यह सुनिश्चित करता है कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र की प्रामाणिकता बनी रहे ।
  3. दोहरे लाभ पर रोक-छात्रवृत्ति लेने वाला छात्र किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या स्टाइपेंड का लाभ नहीं ले सकता ।

योजना क्यों है महत्वपूर्ण

यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं है — यह दिव्यांग छात्रों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करती है। 9वीं-10वीं की कक्षाएं शिक्षा की नींव होती हैं, और यदि इस स्तर पर छात्र आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ देते हैं, तो उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है।

यह योजना सुनिश्चित करती है कि

· दिव्यांग छात्रों को पढ़ाई के लिए आवश्यक किताबें, स्टेशनरी और अन्य सामग्री मिल सके।
· हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को भोजन और रहने का खर्च वहन करने में मदद मिले।
· विशेष रूप से दृष्टिबाधित और बौद्धिक विकलांग छात्रों को अतिरिक्त सहायता मिले।

सामान्य प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या 8वीं कक्षा का छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है?
उत्तर: नहीं, यह योजना केवल 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए है ।

प्रश्न 2: क्या दिव्यांगता प्रमाण पत्र अनिवार्य है?
उत्तर: हां, 40% या अधिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है ।

प्रश्न 3: क्या निजी स्कूल के छात्र आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: केवल वे निजी स्कूल जो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं, वहां के छात्र आवेदन कर सकते हैं ।

प्रश्न 4: आवेदन कब तक कर सकते हैं?
उत्तर: आवेदन की अंतिम तिथि राज्यवार अलग-अलग होती है। NSP पोर्टल पर नोटिस देखें ।

प्रश्न 5: क्या छात्रवृत्ति हर साल अपने आप मिल जाती है?
उत्तर: नहीं, हर साल नवीनीकरण (renewal) के लिए आवेदन करना पड़ता है ।

निष्कर्ष

विकलांग छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना सरकार की उस सोच को दर्शाती है जो “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को साकार करती है। यह योजना उन लाखों दिव्यांग छात्रों के लिए एक मजबूत सहारा है जो वित्तीय कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें।अगर आप या आपके आसपास कोई 9वीं या 10वीं कक्षा का दिव्यांग छात्र है, तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं। समय रहते राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन करें और सरकारी सहायता का लाभ उठाएं।

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