दोस्तों क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों और कस्बों का कायाकल्प हो रहा है? जिन क्षेत्रों को कभी विकास की मुख्यधारा से दूर समझा जाता था, वहां अब आधुनिक सुविधाएं पहुंच रही हैं। यह सब हो रहा है मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना (CM-NSY) की बदौलत। 2026 में इस योजना ने नई गति पकड़ ली है। आइए जानते हैं क्या है यह योजना, क्यों है खास और इसका आम नागरिक के जीवन पर क्या असर पड़ रहा है।
क्यों शुरू हुई यह योजना
बीते कुछ सालों में उत्तर प्रदेश में शहरीकरण की रफ्तार तेज हुई है। नए नगर निकाय बने, तो कई पुराने नगर पंचायतों का दायरा बढ़ा दिया गया। साल 2017 से 2023 के बीच प्रदेश में कुल 242 नए/विस्तारित/उन्नत नगरीय निकाय अस्तित्व में आए । मुश्किल यह थी कि ये नए जोड़े गए इलाके आधारभूत सुविधाओं से वंचित थे – न पक्की सड़कें, न सही निकासी, न ही पार्क या सामुदायिक केंद्र।
इसी कमी को दूर करने के लिए 2 अगस्त 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना के मार्गदर्शी सिद्धांतों को मंजूरी दी और वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया ।
2026 की बड़ी अपडेट जमीनी स्तर पर पैसा पहुंचा
जब हम “मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना 2026” की बात करते हैं, तो इस साल की सबसे बड़ी खबर यह है कि अब योजना ने सिर्फ कागजों से निकलकर जमीन पर काम करना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ महीनों में सरकार ने कई जिलों में विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी की है।
कहां-कहां हुआ काम
योजना का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है:
· जालौन जिले में मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत 56 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 10.30 करोड़ रुपये है। नगरपालिका परिषद कोंच में 25 कार्यों के लिए अकेले 3.37 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं ।
· चित्रकूट के राजापुर में सीमा विस्तार के बाद शामिल हुए मोहल्लों – पाराकू, खटवारा, चिल्लीलाकस, दीनदयाल नगर, कालिंदी नगर – में अब तीन करोड़ रुपये से विकास होगा। यहां पहली किस्त के तौर पर 1.49 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं, जिससे करीब 10 हजार लोगों को सीधा फायदा मिलेगा ।
· हरदोई और कानपुर देहात की नगर पंचायतों को भी दूसरी किस्त के रूप में करीब 41 लाख रुपये मिले हैं ।
किन कामों पर खर्च होंगे ये पैसे
यह योजना केवल “चौराहा सजाने” तक सीमित नहीं है। इसका फोकस मूलभूत ढांचे को मजबूत करना है :
- सड़क और नाला निर्माण: जिन मोहल्लों में कच्चे रास्ते थे, वहां अब सीसी रोड और इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई जा रही हैं। साथ ही, बारिश के पानी की निकासी के लिए आरसीसी नालों का निर्माण प्राथमिकता पर है ।
- स्ट्रीट लाइट्स: अंधेरे इलाकों और ब्लैक स्पॉट्स पर एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं ।
- सार्वजनिक स्थल: हर नगर निकाय में सामुदायिक केंद्र (कम्युनिटी हॉल) का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, पार्कों का विकास और चौराहों का सौंदर्यीकरण भी इस योजना का हिस्सा है ।
- पेयजल और स्वच्छता: पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने और ठोस कचरा प्रबंधन पर भी काम हो रहा है ।
आधुनिक तकनीक पर जोर
इस योजना में पुराने तरीकों की जगह नए तकनीकों को अपनाया जा रहा है। निर्माण कार्यों में प्री-फैब और प्री-कास्ट कंक्रीट तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे काम जल्दी और बेहतर गुणवत्ता का होता है ।
पारदर्शिता और गुणवत्ता सरकार का फोकस
विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। सभी काम ई-टेंडरिंग के माध्यम से कराए जा रहे हैं। प्रत्येक परियोजना की चरणबद्ध निगरानी, फोटोग्राफी और भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है । अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
आगे की राह
योजना का लाभ सिर्फ मौजूदा निकायों को ही नहीं, बल्कि भविष्य में बनने वाले नए निकायों को भी मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में आय, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ें ।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना 2026 उत्तर प्रदेश के उन छोटे शहरों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो लंबे समय से उपेक्षित थे। यह सिर्फ सड़क बनाने की योजना नहीं है, बल्कि प्रदेश के नए शहरी क्षेत्रों को “स्मार्ट” बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब जरूरत इस बात की है कि जनता भी इन विकास कार्यों पर नजर रखे और प्रशासन को जवाबदेह बनाए।अगर आपके आसपास कोई नगर पंचायत या निकाय है, तो देखिए कि क्या वहां इस योजना के तहत काम हो रहे हैं। हो सकता है, आपका मोहल्ला अगली सूची में हो!






















